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कारण/ अकारण

स्वतंत्र स्त्रीया प्रेम को चुनती है समझदार स्त्री सुरक्षा को और चलाक स्त्रीया प्रेम और सुरक्षा दोनो को चुनती है यह तो आम सी बात है आखिर ...

sury.3_ 29 Jul, 2026

अंत

में बहना चाहता हूँ शायद नदियों की तरह जंगल पहाड़ खेत खलयान शहरो से होते हुए ओर आखिर मे पहुँचना होगा सागर में और ये पहुँचना मेरी मंजिल...

sury.3_ 6 Jun, 2026

कुछ तो है खाली सा............

जहाँ जाना हो चला जाता हूँ कब लोटुंगा किसी को नही बताता देर रात तक जागता हूँ सुबह भी कोई जल्दी नही उठाता जो खाना है खा लेता हूं उसमें नुकसा...

sury.3_ 16 Jan, 2026

New year

Instagram original post Music 🎵 🎶 download link 🔗  कल ही का तो जख्म है,  आज भर जायगा कैसे ।। नया साल अरमान लेकर आता हैं  ये दवा भला साथ...

sury.3_ 31 Dec, 2025

उम्मीद/ सांत्वना

सच है, गाँव में शुकून है , शांति है बहुत...... और शहर में भाग दौड़ हैं, असंतोष हैं, अतृप्ति हैं, लेकिन एक उम्मीद तो हैं, की कभी सब ठीक हो ...

sury.3_ 9 Nov, 2025